याहू ने व्यावसायिक व विधिक चुनौतियों के चलते चीन में अपनी सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान के मुताबिक एक नवंबर से कंपनी ने चीन में उपयोगकर्ताओं के लिए सेवाएं बंद कर दी हैं।

वहीं, याहू के प्रवक्ता ने मंगलवार को एक ईमेल में रॉयटर्स को बताया कि चीन में बढ़ती व्यापारिक चुनौतियों और खराब होते कानूनी माहौल के चलते याहू ने चीन को अलविदा कह दिया है। हालांकि, याहू उपयोगकर्ताओं के अधिकारों और मुक्त व खुले इंटरनेट के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले बीते माह माइक्रोसॉफ्ट ने चीन में लिंक्डइन की सेवाएं बंद कर दी थीं।

लिंक्डइन ने भी चीन में चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरण और अत्यधिक अनुपालन आवश्यकताओं को छोड़ने की वजह बताया था। चीन ने इंटरनेट कंपनियों पर सामग्री और ग्राहक गोपनीयता के संबंध में नए कानूनों के तहत कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। सोमवार को ही चीन में ऑनलाइन उपयोगकर्ता डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए बनाया गए व्यक्तिगत सूचना संरक्षण कानून को लागू किया गया है, जिसके चलते याहू को चीन छोड़ना पड़ा। एजेंसी इससे पहले मई में वेरिजोन कम्युनिकेशंस ने याहू और उसके अन्य मीडिया व्यवसायों को निजी इक्विटी फर्म अपोलो ग्लोबल को पांच अरब डॉलर में बेच दिया था। इस सौदे के तहत तकनीकी ब्लॉग एनमैजेट की वेबसाइट भी बेची गई थी, जो मंगलवार से चीन में बंद हो गई।