नई दिल्ली। कहते हैं कि इतिहास सबका एक न एक बार बदलता जरूर है। कम से कम ब्रिटेन के बारे में तो आप यही कह सकते हैं। तो क्या ब्रिटेन का इतिहास बदल रहा है या फिर से एक नया इतिहास लिखने की पृष्ठभूमि तैयार हो चुकी है। आप सही समझ रहे हैं। जिस ब्रिटेन ने भारत पर ढाई सौ साल राज किया आज वहां का प्रधानमंत्री एक भारतीय होगा। ऋषि सुनक ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए यह करिश्मा कर दिखाया है।
बोरिस जानसन की लाख कोशिशों के बावजूद ऋषि सुनक ब्रिटेन की सत्ता के काफी करीब पहुंच गए हैं। पहले दौर की वोटिंग में वह अपने प्रतिद्वंद्वी से करीब 88 वोटों से आगे थे। ऋषि सुनक बोरिस जानसन सरकार में वित्त मंत्री थे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी का नाम अक्षता मूर्ति है। इन दोनो की दो बेटियां हैं। अक्षता भारत के अमीरों में से एक एनआर नारायण मूर्ति की बेटी हैं। गौरतलब है कि ऋषि और अक्षता स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मिले थे।
ऋषि के राजनीति से जुड़े सफर की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इन्होंने इसी साल ब्रिटेन की संसद में पहली बार कदम रखा था। आगे चल कर साल 2015 में ऋषि ने रिचमंड से आम चुनाव को लड़ा और बहुमत से जीत दर्ज की। फिर सांसद के रूप में इन्होंने वर्ष 2015.2017 के बीच ने कई चयन समितियों के सदस्य के तौर पर काम किया। साल 2017 के चुनावों में ऋषि को फिर से एक बड़ा बहुमत मिला और उन्हें रिचमंड से सांसद के रूप में चुन लिया गया।
इसके बाद उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्रेजरी का मुख्य सचिव नियुक्त किया। साल 2019 में ऋषि ने आम चुनावों में एक बार फिर एक बड़ी जीत दर्ज की और सांसद के रूप में चुने गए। ऋषि सुनक अपने करियर के शीर्ष पर तब पहुंचे जब 2020 में उन्हें ब्रिटेन के फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर चुना गया था।
