देहरादून। प्रशासन ने नहीं सुनी तो परेशान युवक मां कोटगाड़ी के दरबार में न्याय मांगने पहुंच गया । उत्तराखंड में कोटगाड़ी को न्याय की देवी माना जाता है। मां के दरबार में युवक कड़कती ठंड में बिच्छू घास पर बैठकर धरना दे रहा है। युवक का आरोप है कि पुलिस ने उसे झूठे मामले में जेल भेज दिया था, जिससे उसका करियर तबाह हो गया।
दरअसल मामला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का है। 2010 में किसी ने फोन पर पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने बंगापानी निवासी मनोज को जेल भेज दिया था। 2017 में मनोज न्यायालय से दोषमुक्त हो गया।
अब मनोज का कहना है कि उसे पुलिस ने बिना किसी सुबूत के जेल भेज दिया, जिससे उसका करियर बरबाद हो गया। उसने इसके लिए पुलिस और सरकार जिम्मेदार ठहराया है। मनोज की मांग है कि उसका करियर बरबाद करने वाली सरकार अब उसे सरकारी नौकरी दे। मनोज इससे पहले कलक्ट्रेट में भी धरना दे चुका है। जब उसे कहीं से न्याय नहीं मिला तो वह न्याय की देवी कोटगाड़ी की शरण में पहुंच गया और वहां धरना शुरू कर दिया। राजस्व पुलिस ने उसे समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। वह अब भी धरने पर ही बैठा है।
