बिजनौर। सिंचाई विभाग ने रामगंगा बैराज हरेवली को पर्यटन स्थल में तब्दील करने की कवायद शुरू कर दी है। महकमे ने बैराज क्षेत्र में पक्षी विहार के अलावा, फव्वारे लगाए जाने के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था में सुधार करने की योजना तैयार की है। सिचाई विभाग के अफसरों की माने, तो कालागढ़ बांध की तर्ज पर हरेवली बांध को विकसित किया जाएगा।


हरेवली में रामगंगा पर 1970 में बैराज का निर्माण हुआ था। बैराज के दोनों ओर करीब पांच किमी लंबा एवं 40 फीट ऊंचा तटबंध बनाया गया था। उस वक्त तटबंध पर प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइटें, बैराज पर मॉडल रूम, फव्वारा, सुंदर पार्क, सुरंग आदि बनाए गए थे। पहले रामगंगा बैराज पर शेरकोट, धामपुर और अफजलगढ़ और आसपास के लोग घूमने आते थे, लेकिन देखरेख के अभाव में पिछले कुछ साल से इस बैराज का लोगों में आकर्षण कम हो गया है।

अब सिचाई विभाग के अफसरों ने रामगंगा बैराज को कालागढ़ बांध की तर्ज पर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी। बैराज पर प्रकाश व्यवस्था के लिए सौर ऊर्जा और जरनेटर लगाए गए हैं। खंडहर में तब्दील हो चुकी कालोनी का जीर्णोद्धार किया जाएगा। बैराज पर पार्क निर्माण, विभिन्न प्रजातियों की पौध रोपित की जाएगी। इसके अलावा कैफिड एरिया बनाए जाने की भी संभावना है।

पक्षियों का किया जाएगा संरक्षण
रामगंगा बैराज घाट पर आधुनिक फव्वारा लगाया जाएगा। शीतकाल में आने वाले विदेशी पक्षियों के संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोग इनको देख सके। सिचाई विभाग के अवर अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि उक्त योजना को मंजूरी के लिए आला अफसरों को रिपोर्ट भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।