नई दिल्ली/रोम। यूरोप में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को लेकर लोगों का गुस्सा अब इटली में भी हिंसक रूप लेने लगा है। फ्रांस के बाद इटली के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं। मिलान समेत कई शहरों में तोड़फोड़, दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। इस बीच भारत ने इटली में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

मिलान में हिंसक झड़पें, दुकानों में तोड़फोड़

प्रदर्शन की शुरुआत बढ़ती महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के विरोध में हुई थी। हालांकि, कई जगह शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गए। मिलान में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के शीशे तोड़े, सामान लूटा और कूड़ेदानों में आग लगा दी। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मिलान के अलावा बोलोन्या, ब्रेशिया, बर्गामो और ट्यूरिन जैसे शहरों में भी हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं।

मेलोनी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया

हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उच्चस्तरीय सरकारी बैठक बुलाई। सरकार ने 20 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट पर अंकुश लगाने के लिए सख्त सुरक्षा उपायों को मंजूरी दी। नए प्रावधानों के तहत हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों को पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, मिलान में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की योजना भी बनाई गई है।

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी

इटली में बिगड़ते हालात के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने तथा स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की सलाह दी है।

आपात स्थिति में भारतीय नागरिक रोम स्थित भारतीय दूतावास से +39 331 614 2085 और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से +39 388 164 7527 पर संपर्क कर सकते हैं।

यूरोप के अलग-अलग देशों में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन के खर्च को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इटली में अब निगाहें इस बात पर हैं कि सुरक्षा संबंधी सख्त कदमों से हिंसा पर कितना नियंत्रण पाया जा सकता है और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों का समाधान किस तरह निकाला जाता है।