जापान की राजकुमारी माको ने शाही दर्ज को ठुकराते हुए अरबों की दौलत छोड़कर अपने प्रेम की खातिर एक आम नागरिक से ब्याह रचा लिया है। चार साल पहले कॉलेज के दिनों में प्रेमी केई कोमुरो से सगाई का एलान करने के बाद माको को इतनी आलोचना सहनी पड़ी कि उन्हें पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर तक हो गया, लेकिन उन्होंने अंततः कोमुरो से शादी की और शाही परिवार छोड़ दिया।

गत शनिवार को 30 साल की हुई पाको ने अपने 30 वर्षीय प्रेमी केई कोमुरो की खातिर शाही परिवार से मिलने वाले 13 लाख डॉलर भी ठुकरा दिए, जो आमतौर पर शाही दर्जा छोड़ने पर आम जापानी नागरिक बनने पर राजकुमारियों को दिए जाते हैं। अब उनका शाही परिवार से पूरी तरह नाता टूट चुका है।

इंपीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी के मुताबिक माको और उनके प्रेमी केई कोमुरो के शादी के दस्तावेज मंगलवार सुबह महल के एक अधिकारी ने प्रस्तुत किए। शादी के बाद दोनों ने संवाददाता सम्मेलन में अपना बयान जारी किया लेकिन इस दौरान पत्रकारों की तरफ से कोई सवाल नहीं किए गए। विवाह के बाद न तो किसी तरह का भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया और न ही कोई अन्य रस्में हुई। शाही राजकुमारी का विवाह बेहद ही सामान्य तरीके से हुआ।

दस्तावेजों पर दस्तखत के साथ ही दूल्हा-दुल्हन औपचारिक रूप से एक-दूजे के हो गए। मंगलवार सुबह राजकुमारी माको हल्के नीले रंग की पोशाक पहने और हाथ में एक गुलदस्ता लिए शाही महल से बाहर आईं। वहां वह अपने माता-पिता क्राउन प्रिंस अकिशिनो, क्राउन प्रिंसेस किको और अपनी बहन काको से मिलीं। वे बहुत ही सामान्य दिख रही थीं। महल के डॉक्टरों ने बताया 1वे कि माको इस माह की शुरुआत में तनाव से जूझ रही थीं, अब उससे उबर रही हैं। ‘इंपीरियल हाउस’ कानून के अनुसार, शाही परिवार की महिला सदस्यों के एक आम नागरिक से शादी करने पर, उन्हें अपना शाही दर्जा खोना पड़ता है।

इस प्रथा के कारण शाही परिवार के सदस्य कम होते जा रहे हैं और सिंहासन के उत्तराधिकारियों की कमी है। • नारुहितो के बाद, उत्तराधिकार की दौड़ में सिर्फ अकिशिनो और उनके पुत्र प्रिंस हिसाहितो हैं। सरकारी विशेषज्ञों की एक समिति इस संबंध में चर्चा कर रही है। माको और उनके पति केई कोमुरो ने शादी के बाद न्यूयॉर्क में रहने का फैसला किया है। माको अभी कुछ समय तक जापान में रहेंगी और शाही परिवार छोड़ने से संबंधी कामकाज निपटाएंगी।