मेरठ l लिसाड़ीगेट क्षेत्र के सुहेल गार्डन में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। राजमिस्त्री मोईन, उनकी पत्नी आसमा और तीन मासूम बेटियों अक्शा (8), अजीजा (4) और अलईफ्शा (1) की नृशंस हत्या में उनके ही परिवार के सदस्यों का हाथ बताया जा रहा है।

पुलिस ने मोईन के दो सौतेले भाइयों नईम और तसलीम तथा उनकी भाभी नजराना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें से तसलीम और नजराना को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नईम अभी भी फरार है।

4 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद बना हत्याकांड का कारण

मोईन का परिवार डेढ़ महीने पहले रुड़की से आकर मेरठ के सुहेल गार्डन में बस गया था। यहां पर वे किराए के मकान में रह रहे थे और अपने नए मकान का निर्माण कर रहे थे। लेकिन पारिवारिक विवाद ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।

मोईन की भाभी नजराना को चार से पांच महीने पहले जेल में बंद अपने पति अमजद की जमानत कराने के लिए मोईन ने 4 लाख रुपये दिए थे। लेकिन प्लॉट में हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया।

एसएसपी विपिन ताडा के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि परिवार में पैसे और संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

मुख्य आरोपी नईम पर कई मुकदमे दर्ज

मुख्य आरोपी नईम पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र में कई मामले दर्ज हैं। नईम ने अपने सौतेले भाई मोईन से नफरत के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने नईम की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई हैं और दिल्ली व उत्तराखंड में दबिशें दी जा रही हैं। हालांकि नईम का फोन बंद है और उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

इलाके में मातम, परिवार को सुपुर्द-ए-खाक किया गया

घटना के बाद पूरे सुहेल गार्डन इलाके में मातम का माहौल है। शुक्रवार को सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।

आसमा के भाई आमिर ने लिसाड़ीगेट थाने में तहरीर देकर सौतेले भाइयों और नजराना पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही नईम की गिरफ्तारी की बात कह रही है।

पुलिस का बयान

एसएसपी विपिन ताडा ने कहा, “मोईन के चार सगे भाई सलीम, अमजद, कलीम, और मोमिन हैं। वहीं, सौतेले भाई नईम और तसलीम भी हैं। नईम इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

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