मुजफ्फरनगर। लोकतंत्र में वोटों के फैसले की घड़ी आ पहुंची है। जिले में 20 लाख 20 हजार 826 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 2017 के सापेक्ष इस बार एक लाख वोटर बढ़ गए हैं। छह विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा। जिले में सबसे अधिक मतदाता बुढ़ाना सीट पर हैं। बृहस्पतिवार को सुबह सात से बजे शाम छह तक मतदान होगा।

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साल 2017 के सापेक्ष इस बार एक लाख सात हजार 415 मतदाता बढ़ गए हैं। इस बार कुल मतदाता 20 लाख 20 हजार 826 पर पहुंच गई है। बृहस्पतिवार को पुरकाजी सुरक्षित सीट, मीरापुर, चरथावल, बुढ़ाना, खतौली और सदर सीट के लिए मतदान होना है। लोकतंत्र के महापर्व को लेकर मतदाता उत्साहित है।

बुढ़ाना विधानसभा सीट पर सबसे अधिक तीन लाख 75 हजार 73 मतदाता है। महिला मतदाता भी यहां एक लाख 72 हजार 280 है। दूसरे नंबर पर चरथावल सीट है, यहां पर साढ़े तीन लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

ध्रुवीकरण के हथियार की भी परीक्षा
मुजफ्फरनगर इस बार भी ध्रुवीकरण कराता दिख रहा है। यह अलग सवाल है कि इसका असर किस हद तक हुआ। चाहे दंगे का जिक्र हो या किसान आंदोलन का, गन्ने का मुद्दा हो या फिर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का, मुजफ्फरनगर के दंगल में सारे प्रयोग किए जा चुके हैं। सदर में भाजपा और रालोद ने पूरी ताकत झोंकी है। बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी में कड़े मुकाबले हो रहे हैं। सपा-रालोद गठबंधन ने यहां गन्ना भुगतान और कृषि कानून को मुद्दा बनाया।

वहीं, भाजपा ने यहां सुरक्षा का बार-बार जिक्र किया। दंगों की तपिश की बार-बार याद दिलाई। सदर सीट पर मौजूदा विधायक कपिलदेव अग्रवाल अपने पारंपरिक वोटों के सहारे चुनावी मैदान में हैं। सुरक्षा  आदि मुद्दे पर बात कर रहे हैें रालोद ने सौरभ स्वरूप को टिकट दिया है। बसपा ने पिछड़ों पर दांव लगाते हुए पुष्पांकर पाल को चुनावी मैदान में उतार दिया। इसी तरह से मीरापुर सीट पर भी भाजपा से प्रशांत कुमार गुर्जर और रालोद से चंदन चौहान पर दांव लगाया गया है।

मुजफ्फरनगर की किस विधानसभा में कितने मतदाता
विधानसभा मतदाता
बुढ़ाना 375073
चरथावल 329870
पुरकाजी 328292
मुजफ्फरनगर 356283
खतौली 316726
मीरापुर 314582

कुल मतदान केंद्र 862
कुल मतदेय स्थल 2251
आदर्श बूथ 37
वनरेबिल केंद्र 79
वनरेबिल मतदेय स्थल 117
क्रिटिकल मतदान केंद्र 327
क्रिटिकल मतदेय स्थल 416

मतदान केंद्र घटे, मतदेय स्थल बढ़े
इस बार मतदान केंद्रों की संख्या 2017 के सापेक्ष हुई है। पिछले चुनाव में जिले में 914 मतदान केंद्र थे, लेकिन इस बार इन्हें घटाकर 862 कर दिया गया है। जबकि मतदेय स्थलों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस बार 2251 मतदेय स्थलों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पिछले चुनाव के सापेक्ष यह संख्या 84 अधिक है।