श्रीलंका ने ईंधन की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है । एक महीने में तीसरी बार सरकार ने तेलों के दाम बढ़ाए हैं। इस बीच, श्रीलंका को इकोनॉमिक क्राइसिस से निकालने के लिए अमेरिका भी एक्टिव हो गया है। अमेरिकी अफसरों की एक टीम कोलंबो पहुंच चुकी है। इसके पहले ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने कहा था- तेल के नए शिपमेंट आने में देरी होगी। इसके एक दिन बाद ही तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के मुताबिक- डीजल की कीमतों में 15% की बढ़ोतरी की गई है। अब डीजल की कीमत 460 श्रीलंकाई रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमतों में 22% की बढ़ोतरी की गई है। अब यह 550 श्रीलंकाई रुपए प्रति लीटर हो गया है। विजेसेकेरा ने कहा- पिछले हफ्ते तेल नहीं आया था। अगले हफ्ते भी पेमेंट की दिक्कतों के चलते शिपमेंट नहीं पहुंच पाएगा। लोगों से अपील है कि वो पेट्रोल पंप के बाहर लंबी लाइनों में खड़े न हों। कई लोगों ने तो अपनी गाड़ियों को पेट्रोल पंप के बाहर ही छोड़ दिया है।

अफसरों का कहना है कि श्रीलंका में लगभग दो दिनों के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है, लेकिन इसे एसेंशियल सर्विसेज यानी जरूरी सेवाओं के लिए बचाकर रखा जा रहा है। श्रीलंका में जारी इकोनॉमिक क्राइसिस के बीच अमेरिका ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। हालिया दो हफ्तों में अमेरिका ने 1200 करोड़ रुपए की मदद दी है। अमेरिकी ट्रेजरी और विदेश विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीलंका पहुंच चुका है। इस दौरान US किस तरह श्रीलंका की मदद कर सकता है, इस पर भी चर्चा की गई। अमेरिकी राजदूत जूली चुंग ने कहा- श्रीलंका इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हमारी कोशिश इकोनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट करना और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करना है।