बुलंदशहर। जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए अब प्रीपेड मीटर का सहारा लिया जाएगा। केंद्र सरकार से निर्देश मिलने पर अफसर मीटर लगाने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। प्रीपेड मीटर लगाने का उद्देश्य बिजली चोरी रोकने, लाइन लॉस कम करना है। जनवरी 2022 से जिले में प्रीपेड मीटर लगाने की शुरुआत होगी। वर्ष 2025 तक पूरे देश में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।

जिले में बिजली निगम के घरेलू, कॉमर्शियल, ट्यूबवेल के करीब 4.5 लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन जितनी बिजली की खपत होती है, उसमें से औसतन 70 फीसदी बिल की ही वसूली हो पाती है। बिल की पर्याप्त वसूली न होने और बिजली चोरी होने के कारण बिजली निगम को 30 फीसदी लाइन लॉस झेलना पड़ता है। इसे कम करने के लिए ही सभी उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड मीटर अनिवार्य किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा शुल्क
बिजली का मीटर बदले जाने की स्थिति में अभी तक उपभोक्ताओं से न्यूनतम एक हजार रुपये का चार्ज वसूला जाता था। प्रीपेड मीटर लगाने का शुल्क नहीं लिया जाएगा। केंद्र सरकार खुद मीटर लगाने व मीटर की कीमत का खर्च वहन करेगी।

मोबाइल की तरह रिचार्ज होगा मीटर
प्रीपेड मीटर में मोबाइल की तरह ही एक कार्ड लगाया जाएगा। इसका नंबर ग्राहक को प्रदान किया जाएगा। इसके बाद मोबाइल फोन की तरह ही रिचार्ज किया जा सकेगा।

ओवरलोड होते ही बंद हो जाएगा मीटर
बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घरों में क्षमता से अधिक बिजली का प्रयोग किया जाता है। प्रीपेड मीटर में ऐसा नहीं होगा। निर्धारित क्षमता से अधिक खपत होने पर मीटर खुद बंद हो जाएगा। विभाग के सिस्टम पर इसकी सूचना पहुंच जाएगी।

केंद्र सरकार ने मांगी है योजना
प्रीपेड मीटर लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से योजना मांगी गई है। जिले में घरेलू, कॉमर्शियल और ट्यूबवेल सभी उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। जनवरी 2022 से योजना का शुभारंभ हो सकता है। – अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम