लखनऊ । पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का लोकार्पण कर पूर्वांचल वासियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। 341 किमी लंबा और 6 लेन का यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। एक्सप्रेसवे का एंट्री पॉइंट लखनऊ.सुल्तानपुर रोड पर चांदसराय गांव है, जबकि निकासी पॉइंट गाजीपुर का हैदरिया गांव है जो कि बिहार सीमा से 18 किमी दूर है।

यह एक्सप्रेसवे 9 जिलों लखनऊ से होते हुए बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की शुरुआत लखनऊ सुलतानपुर राजमार्ग पर चंदसराय गांव से गाजीपुर जिले के हलदरिया गांव पर खत्म होगा।
इस एक्सप्रेस.वे की खास बात है कि इस पर करीब तीन किलोमीटर की एयर स्ट्रिप भी बनाई गई है। इस एक्सप्रेस.वे के रूट पर 18 फ्लाइओवर, 7 रेलवे ओवर ब्रिज, 6 टोल, 5 रैंप पास और 7 अंडरपास हैं। इसके अलावा 118 छोटे पुल और 502 पुलिया हैं। फिलहाल एक्सप्रेस.वे को 6 लेन का बनाया गया है, जिसका विस्तार आठ लेन तक किया जा सकता है।

एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे 22 हजार करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ है जो कि आने वाले समय में प्रदेश में लाखों करोड़ रुपये के निवेश का माध्यम बनेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की विशेषता सिर्फ यही नहीं है कि यह 9 जनपदों को जोड़ेगा बल्कि यह एक्सप्रेसवे लखनऊ को उन शहरों से भी जोड़ेगा जहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। पहले यूपी जैसे विशाल प्रदेश में एक शहर दूसरे शहर से दूर रहता था।

पूर्वांचल के लोगों के लिए तो लखनऊ पहुचना भी महाभारत जीतने जैसा होता था पर अब आवागमन बेहद आसान होगा। लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री ने एक्सप्रेस वे पर वायुसेना का एयर शो भी देखा। इस मौके पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अलावा कई नेता और अधिकारी मौजूद रहे।