सहारनपुर। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि देवबंद दारुल उलूम आतंकियों का संरक्षक है। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम और देश के तमाम मदरसों को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ भी उन्होंने विवादित बयान दिया। 

डासना गाजियाबाद मंदिर के महंत महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि मंगलवार को देवबंद में देवीकुंड रोड स्थित श्री महाकालेश्वर ज्ञान मंदिर आश्रम में दिवंगत स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की समाधि पर महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि ने पुष्पांजलि अर्पित करने आए थे। इसके बाद सहारनपुर में जीपीओ रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता की। जिसमें नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि देवबंद में एटीएस कमांडो ट्रेनिंग सेंटर बनाने का वह स्वागत करते हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी दारुल उलूम को बंद किया जाना है। उन्होंने कहा कि सरकार एटीएस सेंटर कितने भी बना ले, लेकिन जब तक मदरसों को बंद नहीं किया जाएगा, इसका कोई फायदा नहीं होगा।

नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि देवबंद क्षेत्र के केंदुकी गांव में जमीयत उलमा.ए.हिंद का स्काउट गाइड ट्रेनिंग सेंटर नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए 14 नवंबर को केंदुकी गांव में पंचायत होगी। महंत ने शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन एवं सदस्य वसीम रिजवी की तारीफ करते हुए कहा कि वसीम रिजवी महामानव हैं। उन्होंने बहुत खोज करके किताब में सच्चाई लिखी है। उनकी किताब का पांच नवंबर को डासना मंदिर में विमोचन किया गया। इस किताब को हर व्यक्ति पढ़े। हम तन, मन व धन और बाहुबल से वसीम रिजवी के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि उनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। वह सनातन धर्म के प्रचारक हैं । उन्होंने कहा कि देश की आजादी में दारुल उलूम और किसी मुसलमान का कोई योगदान नहीं है। सिर्फ हिंदुओं ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इस दौरान धीरेंद्र राय, अभिषेक त्यागी, विजयकांत चौहान, तरुण भोला, कुलदीप सैनी, विनय काका, ठाकुर हरवीर सिंह, मनीष त्यागी, अविनाश वाल्मीकि, श्यामानंद, मंगलानंद, हिमांशु भारद्वाज, विनोदानंद मौजूद रहे।