नई दिल्ली। लता मंगेशकर के निधन से आज पूरा देश गमगीन है। अपनी आवाज के जरिए गीतों में जान फूंकने वाली लता मंगेशकर के निधन के साथ एक स्‍वर्णीम युग का भी अंत हो गया है। उनकी आवाज का जादू हमेशा देशवासियों पर राज करता रहेगा। उनके निधन पर पीएम नरेन्‍द्र मोदी और राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख व्‍यक्‍त किया है। उनके निधन पर दो केंद्र सरकार ने दो दिन के राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा की है। पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने अपने ट्वीट में उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।

बता दें कि लता मंगेशकर को कोरोना पाजीटिव पाए जाने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। उनके इलाज के दौरान कई बार हालात सामान्‍य हुए तो कई बार गंभीर भी हुए। बीच में हालत में सुधार होने के बाद उन्‍हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। उनका इलाज कर रहे डाक्‍टरों के मुताबिक लता मंगेशकर का निधन रविवार सुबह 8:12 मिनट पर मल्‍टी आर्गन फेल्‍योर की वजह से हो गया।

अंतिम संस्‍कार साढ़े चार बजे

उनका अंतिम संस्‍कार शाम 4:30 बजे किया जाएगा। इससे पहले दोपहर 12-3 बजे के बीच आम जन उनके आखिरी दर्शन कर सकेंगे। उनके निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन के राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा की है।

पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि लता दीदी के गानों ने कई तरह के इमोशन्स को उभारा। उन्होंने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत के बदलावों को करीब से देखा। फिल्मों से परे, वह हमेशा भारत के विकास के बारे में भावुक थीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थी। मैं इसे अपना सम्मान मानता हूं कि मुझे हमेशा लता दीदी से अपार स्नेह मिला है। उनके साथ मेरी बातचीत अविस्मरणीय रहेगी। लता दीदी के निधन पर मुझे अपने साथी भारतीयों के साथ शोक है। उनके परिवार से बात की और संवेदना व्यक्त की। शांति।

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में लिखा एक कलाकार का जन्म लेकिन सदियों में एक बार, लता-दीदी एक असाधारण इंसान थीं, जो गर्मजोशी से भरी हुई थीं, जैसा कि मैं उनसे जब भी मिलती थी। दिव्य आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है लेकिन उसकी धुन अमर रहेगी, अनंत काल तक गूंजती रहेगी। उनके परिवार और हर जगह प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। लता जी का निधन मेरे लिए हृदयविदारक है, जैसा कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए है। उनके गीतों की विशाल श्रृंखला में, भारत के सार और सुंदरता को प्रस्तुत करते हुए, पीढ़ियों ने अपनी आंतरिक भावनाओं की अभिव्यक्ति पाई। भारत रत्न, लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी।