नई दिल्ली। मुंबई में बीएमसी ने दावा किया है कि वहां एक व्यक्ति में कोरोना के नए वैरिएंट एक्सई की पुष्टि हुई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने मरीज के नमूने में एक्सई वैरिएंट की मौजूदगी से इनकार किया है। बहरहाल बीएमसी का कहना है कि नए वैरिएंट की पुष्टि के लिए नमूना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स एनआईबीएमजी में विश्लेषण के लिए को भेजा जाएगा। बीएमसी का यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति में इसकी पुष्टि हुई है उसको टीके की दोनों डोज लग चुकी है।

इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बीएमसी में ठन गई है। इसका सही पता तो तभी लग पाएगा जब इसकी पूरी तरह से जांच हो जाएगी। इसके अलावा यह भी पता चलेगा कि यह नया वैरिएंट कितना प्रभावशाली है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस नए वैरिएंट के बारे में जो भी कुछ कहा वह इसके खतरनाक होने की तरफ संकेत कर रहा है। आइए जानें कि इस नए वैरिएंट के बारे में डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा है।

  • यह अब तक का सबसे संक्रामक कोविड संस्करण हो सकता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि एक्सई सब वैरिएंट ओमिक्रॉन के बीए.2 की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक संक्रामक प्रतीत होता है।
  • डब्ल्यूएचओ का कहना है कि वर्तमान में ओमिक्रॉन वैरिएंट के हिस्से के रूप में एक्सई म्यूटेशन को ट्रैक किया जा रहा है। ओमिक्रॉन के लक्षणों में बुखार, गले में खराश, खांसी, सर्दी, त्वचा में जलन इत्यादि होते हैं।
  • 19 जनवरी को यूके में पहली बार इसका पता चलने के बाद से करीब 637 मामले सामने आए हैं।
  • यूके का स्वास्थ्य निकाय XD, XE और XF का अध्ययन कर रहा है। XD ओमिक्रॉन के BA.1 से निकला है। वहीं, XF डेल्टा और BA.1 का एक पुनः संयोजक संस्करण है।
  • रिपोर्ट में यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुसान हॉपकिंस के हवाले से कहा गया है कि इस तरह के वैरिएंट को “पुनः संयोजक” के रूप में जाना जाता है।
  • थाईलैंड और न्यूजीलैंड में भी XE वैरिएंट का पता चला है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि म्यूटेशन के बारे में और कुछ कहने से पहले और डेटा की आवश्यकता है।
  • इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि एक्सई अधिक गंभीर है। अब तक सभी ओमिक्रॉन वैरिएंट कम गंभीर देखे गए हैं।