बागपत। मेरठ-बागपत रोड पर चुनमुन होटल के पास ईंट भट्ठे पर कमरे की छत गिरने से दबकर तीन बहनों की मौत हो गई। जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और उन तीनों को किसी तरह मलबे से बाहर निकाला गया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और इसकी जांच शुरू कर दी। परिजनों ने कमरा जर्जर होने की शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
मेरठ-बागपत रोड पर चुनमुन होटल के पास ईंट भट्ठे पर जलालपुर गांव का यामीन का परिवार रहता है। यामीन अपने परिवार के साथ वहां ईंट पथाई का काम करता है। वह भट्ठे पर बने क्वार्टर में रहता है। वहां सोमवार शाम को एक कमरे में उसकी बेटियां शहरूणा (15), सानिया (11), माहिरा (3 माह) सोई हुई थी। उस कमरे की छत जर्जर होने के कारण अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे के नीचे तीनों बहन दब गई। जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूर भी वहां पहुंच गए। तीनों बहनों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना मिलने पर भट्ठा मालिक व बालैनी थाना पुलिस पहुंच गई। वहां यामीन ने आरोप लगाया कि जिस क्वार्टर में उसका परिवार रहता था, वह काफी जर्जर हो चुका था। इसकी शिकायत कई बार करने के बाद भी उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया और यह हादसा हो गया। पुलिस ने वहां से तीनों बहनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए है। बालैनी थाना प्रभारी कुशलेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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बागपत में ईंट भट्ठे पर बने कमरे की छत गिरी, मलबे में दबकर तीन बहनों की दर्दनाक मौत
बागपत। मेरठ-बागपत रोड पर चुनमुन होटल के पास ईंट भट्ठे पर कमरे की छत गिरने से दबकर तीन बहनों की मौत हो गई। जिससे वहां […]