नई दिल्ली – अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी आर्थिक जंग अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी उत्पादों पर कुल 104% टैरिफ लगा दिया है, जिससे टोटल इम्पोर्ट ड्यूटी 115% तक पहुंच गई है। इसे चीन के खिलाफ खुला इकोनॉमिक वॉर माना जा रहा है।

टैरिफ के खौफ से चाइनीज एक्सपोर्टर्स दहशत में
टैरिफ के इस झटके से चीन के एक्सपोर्टर्स में हड़कंप मच गया है। South China Morning Post की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रमुख चीनी कंपनी की अमेरिका को जाने वाली डेली शिपमेंट 40-50 कंटेनर से घटकर अब मात्र 3-6 कंटेनर रह गई है।

बीच समंदर में छोड़ा जा रहा माल
कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि कई क्लाइंट अब समंदर में मौजूद माल को भी वापस नहीं लेना चाहते। टैरिफ के कारण उसकी कीमत इतनी बढ़ चुकी है कि उसे कोई खरीदना नहीं चाहता। कई फैक्ट्रियों ने तो फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया से होने वाली शिपिंग रोक दी है।

हर कंटेनर पर हो रहा भारी घाटा
एक कर्मचारी ने कहा, “अब हर कंटेनर में उतना घाटा हो रहा है, जितना पहले दो कंटेनर से मुनाफा होता था।” यही वजह है कि चीन के एक्सपोर्टर्स अब अमेरिका के बजाय जापान और यूरोप जैसे बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।

अमेरिकी खरीदार भी हुए सावधान
मुद्रास्फीति के डर से अब अमेरिकी खरीदार भी पीछे हट रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां रोजाना 300 कंटेनर तक के ऑर्डर रद्द कर रही हैं।

नौकरियों पर मंडराया खतरा
चीन में कई फैक्ट्रियों में शिफ्ट्स घटाई जा रही हैं और कर्मचारियों को कम घंटों में काम करने को कहा जा रहा है। अमेरिकी ब्रांच में भी कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो गई है।