मुजफ्फरनगर। साइबर हेल्प सेंटर और बुढ़ाना थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के तहत ऑनलाइन ठगी करने वाले मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को फर्जी बैंक अफसर बनकर फंसाते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और 63,500 रुपये की नकदी बरामद की है।
बुढ़ाना कस्बा निवासी जय सैनी के बैंक खाते से कुछ दिन पूर्व फर्जी बैंक अफसर बनकर कॉल करते हुए उसके खाते से संबंधित जानकारी ले ली गई थी। इसके बाद आरोपियों ने जय सैनी के बैंक खाते से 1.70 लाख रुपये अन्यत्र खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। जय सैनी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामला साइबर हेल्प सेंटर में रेफर किया गया था।

हेल्प सेंटर प्रभारी के अनुसार मामले की जांच के दौरान इसके तार जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और झारखंड से जुड़े पाए गए। जांच में मूल रूप से झारखंड प्रांत के जनपद जामताड़ा के करमातार थाना क्षेत्र के गांव पार्क टोल व हाल निवासी शाहबुद्दीनपुर रोड, रामपुरी नईम अहमद और बुढ़ाना के शफीपुर पट्टी के मूल निवासी व हालिया निवासी रामपुरी सलमान को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 63,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
ठगों ने जामताड़ा के साइबर अपराधियों से ली थी नईम ने ट्रेनिंग

मुजफ्फरनगर। ऑनलाइन ठगी के मुख्य आरोपी नईम अहमद ने झारखंड प्रांत के जनपद जामताड़ा के साइबर अपराधियों से ठगी की ट्रेनिंग ली थी। शुरूआत में कमीशन बेस पर काम करने वाले नईम ने बाद में अपनी टीम बनाकर खुद ही शेरपुर गांव के जंगल से कॉलिंग कर ठगी का धंधा शुरू कर दिया।
मूूल रूप से झारखंड प्रांत के जनपद जामताड़ा के थाना करमातार क्षेत्र के गांव पार्क टोल निवासी नईम अहमद काफी समय पूर्व जनपद में पढ़ने आया था। घर आने-जाने के दौरान उसके तार जामताड़ा के साइबर अपराधियों से हो गए और उसने उन्हीं से ऑनलाइन ठगी की ट्रेनिंग ली।
इसके बाद आरोपी ने मोहल्ला रामपुरी निवासी सलमान को अपने साथ जोड़ते हुए उसके माध्यम से मुजफ्फरनगर-शामली के बैंक खाताधारकों की डिटेल हासिल की और उसे जामताड़ा के ऑनलाइन ठगों को मुहैया कराने लगा। इससे जो भी रकम ठगी में आती थी, उसका 20 फीसदी हिस्सा नईम अहमद व सलमान को मिलता था।
पुलिस के अनुसार बाद में नईम ने खुद यह धंधा शुरू कर दिया और मोबाइल शॉप संचालक मोमीन से बाहर जनपदों के सिम कार्ड हासिल किए। इसके बाद आरोपी ने शेरपुर के पास स्थित जंगल में ठिकाना बनाते हुए जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के लोगों को कॉल कर खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनके बैंक खातों से रुपये उड़ाने शुरू कर दिए थे। दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
तीन माह में 14.76 लाख की हो चुकी है रिकवरी

मुजफ्फरनगर। जनपद में जून-2021 में एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा गठित किए गए साइबर हेल्प सेंटर ने महज तीन माह की अवधि में ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जून में गठन के बाद से अब तक जनपद में ऑनलाइन फ्रॉड की 220 शिकायतें साइबर हेल्प सेंटर में दर्ज कराई गईं हैं। इन शिकायत कर्ताओं के बैंक खातों से 41.12 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। इनमें से अब तक हेल्प सेंटर द्वारा 115 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। इन निस्तारित मामलों में अब तक हेल्प सेंटर द्वारा 14.76 लाख की धनराशि पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई जा चुकी है।
एसएसपी ने बताया कि ठगी के तत्काल बाद साइबर हेल्प सेंटर को क्राइम की सूचना दे दी जाती है तो रिकवरी होने की संभावनाएं उतनी ही अधिक रहती हैं। इसलिए किसी भी ऑनलाइन ठगी का शिकार होने के तत्काल बाद साइबर हेल्प सेंटर की मदद लेनी चाहिए।
