नई दिल्ली। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसान, शिक्षा, शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने रबी फसल के लिए किसानों को राहत देते हुए खाद (फॉसफेट एवं पोटाश उर्वरकों) पर 28,655 करोड़ की सब्सिडी देने, सैनिक स्कूल सोसाइटी के अंतर्गत 100 निजी एवं सरकारी सैनिक स्कूलों को मान्यता देने और अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 को मंजूरी दे दी। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को भी 2025 26 तक विस्तार को भी हरी झंडी मिल गई।
पीएम मोदी के आवास पर हुई मंत्रिमंडल बैठक में तय हुआ कि फॉस्फेट एवं पोटाश उर्वरकों के लिए 28,655 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी 1 अक्तूबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। वहीं बच्चों में मूल्य आधारित शिक्षा, चरित्र के साथ प्रभावी नेतृत्व व अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी व निजी क्षेत्र के 100 सैनिक स्कूलों को संबद्ध किया जाएगा। ये स्कूल विशिष्ट स्तंभ के रूप में काम करेंगे जो रक्षा मंत्रालय के मौजूदा सैनिक स्कूलों से विशिष्ट और भिन्न होंगे। प्रथम चरण में 100 संबद्ध होने वाले भागीदारों को राज्यों/एनजीओ/ निजी भागीदारों से लिया जाना प्रस्तावित है। 2022-23 के शैक्षणिक सत्र में इन 100 संबद्ध स्कूलों में 5000 छात्रों को छठी कक्षा में प्रवेश मिलने की संभावना है।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को 2025-26 तक जारी रखने की भी मंजूरी दे दी। इसमें 1.41 लाख करोड़ का खर्च आएगा, जिसमें 36,465 करोड़ रुपये का केंद्र का हिस्सा शामिल है। जो मिशन के अंतिम चरण के 62,009 करोड़ रुपये से 2.5 गुना अधिक है। इसका लक्ष्य स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन के परिणामों को बनाए रखना एवं उनकी गति बढ़ाना होगा। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) के परिणामों पर जोर दिया जायेगा। साथ ही सभी शहरों में ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण शुरू किया जायेगा। अटल नवीकरण मिशन अमृत 2.0 को भी मंजूरी
मंत्रिमंडल ने कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन के दूसरे चरण (अमृत 2.0) को भी मंजूरी दे दी। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया कदम होगा और शहरों को जल अर्थव्यवस्था के जरिये पेय जल की पर्याप्त व्यवस्था के साथ सुरक्षित व आत्मनिर्भर बनाएगा। अमृत 2.0 के लिए 2.77 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सभी घरों में पाइप से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
