मेरठ। दोस्त ने ही 12वीं की छात्रा से दरिंदगी की और फिर बदहवास हालत में ई रिक्शा में छोड़कर फरार हो गया। परिजनों का आरोप है कि बेटी की आंख में कोई केमिकल डाला। इससे उसकी आंखों की रोशनी तक चली गई। घायल बिटिया ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के शरीर में जहर फैला हुआ था। उसके गुर्दे फेल हो चुके थे। चार दिन पहले घायल हालात में 12वीं की यह छात्रा घर पहुंची थी। उसे इस हालात में छोड़कर उसका दोस्त सूरज ही भागा था। आधी रात ई-रिक्शा चालक को हिरासत में लेकर पुलिस ने यह दावा किया। सूरज की फोटो चालक को दिखाकर उसकी पहचान कराई गई। चार घंटे सूरज ने छात्रा को कहां रखा, इसकी जांच की जा रही है।
बता दें कि बेगमपुल के पास नामचीन स्कूल में परीक्षा देने के बाद छात्रा के साथ सूरज सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया था। सूरज ने ई-रिक्शा चालक के मोबाइल से छात्रा के पिता को कॉल करके कहा कि उनकी बेटी गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम चौराहे पर खड़ी है। इसके बाद ई-रिक्शा चालक छात्रा को बदहवास हालत में उसके घर पर छोड़कर लापता हो गया था।
पुलिस के मुताबिक चालक ने बताया कि एक युवक बदहवास हालत में छात्रा को लेकर तेजगढ़ी चौराहे पर मिला था। 20 रुपये देकर कुटी चौराहे पर छोड़ने को कहा था। जैसे ही कुटी चौराहे पर छात्रा के घर के पास पहुंचा, तभी युवक कूदकर वहां से भाग गया। पुलिस का दावा है कि छात्रा को चार घंटे सूरज ने अपने पास रखा। उधर, छात्रा के पिता के मोबाइल पर सूरज के चाचा सतेंद्र शेरगढ़ी ने कॉल कर कहा कि तुम्हारी बेटी घर पहुंच गई तो अब थाने क्यों गए हो। इससे साफ जाहिर है कि सूरज ने छात्रा को अगवा किया। पुलिस ने सूरज के चाचा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।
छात्रा से दरिंदगी के विरोध में आक्रोशित महिलाओं ने तेजगढ़ी से एल ब्लॉक के बीच जाम लगा दिया। छात्रा की अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के चेहरे पर गम और गुस्से के भाव थे। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने जाम लगाया तो पुलिस के भी हाथ पैर फूल गये। पुलिस ने इसको देखते हुए अंतिम यात्रा शुरू होने से चंद मिनटों पहले दोनों ओर का ट्रैफिक रोक दिया। इसके चलते काफी देर तक वाहनों की कतार लग गई। सिपाही को भेजकर छात्रा के बड़े भाई को मौके पर बुलाया गया, जिसने हाथ जोड़कर महिलाओ को ऐसा न करने की अपील की और वहां से हटा दिया।
सीओ देवेश सिंह फोर्स के साथ श्मशान घाट तक साथ रहे। नौचंदी क्षेत्र की रहने वाली छात्रा को पिता अफसर बनाना चाहते थे। कुछ घंटे पहले तक जिस बेटी को परीक्षा दिलाने गए थे वह इस तरह दुनिया से रुखसत होगी इसका अंदाजा नहीं था। मोर्चरी पर फफक फफक कर रो रहे पिता को देखकर हर किसी का दिल बैठा जा रहा था। बेटी का शव देख दहाड़े मारकर रो रही मां बस यही कहती रही, एक बार वापस आ जा मेरी बच्ची…! मां की यह हालत देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं l
