अयोध्या। अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण करने के लिए तीन दिन पूर्व दुकानों को गिराए जाने के लिए बजे सायरन के बाद दुकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारियों की धड़कन तेज हो गई है। प्रशासन ने कहा कि व्यापारियों व भवन स्वामियों को मुआवजे की रकम व अन्य कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इस पर कई व्यापारी रो पड़े और कहा कि सावन मेले तक कार्रवाई रोक दीजिए।
अयोध्या के श्रृंगार हाट से लेकर राम जन्मभूमि तक जाने वाले मार्ग को 14 मीटर चौड़ा किया जाना है जिसके कारण लगभग 350 दुकानें प्रभावित हो रही हैं। इन दुकानों में लगभग 200 दुकानें ऐसे भी है पूरी तरह से समाप्त हो रहीं हैं तो वहीं डेढ़ सौ दुकानदारों के पीछे बचे जगहों पर उन्हें शिफ्ट होने के लिए मुआवजे के बाद निर्देशित किया जा चुका है। हालांकि जिला प्रशासन ने यह दावा जरूर किया है कि किसी भी दशा में किसी व्यवसाई का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा ।
मुख्यमंत्री की मंशा है कि पहले उन्हें किसी स्थान पर स्थापित किया जाए उसके तहत ही काम किया जा रहा है। अधिकारी की माने तो तीन तरीके के दुकान दार इस मार्ग में है एक वह जिन के दुकानों के पीछे दुकान है उन्हें दुकान बनाने के निर्देश दिए गए हैं दूसरे वह जिनके दुकानों के पीछे जमीन है वह मंदिर प्रशासन से बात करके उस जमीन का उपयोग दुकान के रूप में कर सकता है और तीसरा वह जिनके पास कोई भी जगह दुकान के पीछे नहीं है उन्हें विकास प्राधिकरण के द्वारा बनाई जा रही नई मार्केट में दुकान आवंटित की जाएगी। जिसके लिए वह पहले आवेदन करने उनके आवेदन पर कार्रवाई होगी उसके बाद उन्हें विस्थापित किया जाएगा।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि श्रृंगार हाट से राम जन्मभूमि तक मार्केट चौड़ा किया जाना है। लगभग 14 मीटर का मार्ग होगा इसमें दो तरीके के लोग हैं जो प्रभावित हैं एक वह जिनकी जमीनें हैं दूसरे जो दुकानदार है जिनका व्यवस्थापन पुनर्वास होना है 350 दुकानदारों में से 190 व्यापारियों के खाते में पैसा भेजा जा चुका है यहां तीन दुकानदार हैं एक दुकानदार वह हैं जिनके पास दुकान के पीछे जगह बची है उन को निर्देशित किया गया है कि पहले वह पीछे अपनी दुकानें बना लें ताकि आगे से उनकी दुकानें हटाई जा सके दूसरे वह दुकानदार है जिनके दुकान के पीछे जगह नहीं बच रही है, लेकिन उनके पीछे हनुमानगढ़ी की जमीन खाली पड़ी है उसमें संतो से यह निवेदन किया गया है कि अपनी शर्तों पर दुकानदारों को पीछे जमीन दे दें ।
तीसरे वह दुकानदार है जो पूर्ण रूप से विस्थापित हो रहे हैं उन्हें विकास प्राधिकरण के अंदर बनाई जा रही मार्केट में दुकानें आवंटित की जाएंगी एडीएम प्रशासन ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मानता है पहले बताएंगे फिर हटाएंगे इसके तहत कार्य किया जा रहा है। पहले हम लोग विस्थापितों को पुनर्वास इत करेंगे विकास प्राधिकरण की दुकानों के लिए व्यवसाय अपना प्रार्थना पत्र विकास राधिका भेजें ताकि हम उस पर आगे की कार्रवाई कर सकें अभी केवल उन दुकानों को हटाने के लिए तैयारी की जा रही है जिनके दुकानों के पीछे जगह बची है और उनके खातों में पैसा भेजा जा चुका है ।
वह अपना निर्माण तेजी से करें ताकि हम उस जगह की रोड को चौड़ा कर सकें आज जो दुकानें तोड़ी गई है वह पूर्ण रुप से खाली थी हमने दुकानदारों को यह भरोसा दिलाया है कि हम जबरदस्ती विध्वंस नहीं करेंगे जो दुकानें खाली थी हमने आज ने तोड़ा है और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे जिन दुकानों ने अपना निर्माण करा लिया है उन्हें पहले खाली कराया जाएगा जिन दुकानदारों की दुकानें पीछे बन जाएगी फिर उन्हें खाली कराया जाएगा और जो विस्थापित होने वाले दुकानदार हैं उनका जवाब रिटर्न कर दिया जाएगा तब खाली कराया जाएगा साथी बीते दिनों मुनादी के लेकर व्यवसायियों के भ्रम पर बोलते हुए कहा कि जो मुनादी कराई गई थी वह उन लोगों की यह कराई गई थी जिनके दुकान के पीछे दुकान है और जिनके खातों में पैसा भेजा जा चुका है लेकिन वह अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किए हैं वह मुनादी केवल उन्हीं लोगों के लिए थी।
