देहरादून l जर्मनी भारत के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग से कार्य कर रहा है। जर्मनी में शिक्षा लेने जाने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। साथ ही भारत में जर्मनी भाषा सिखाने वालों को कई तरह से सहयोग दिया जाता है।

यह बातें जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में शहर संसदीय सदस्य राहुल कुमार कंबोज ने कही। वह शुक्रवार देर शाम निजी दौरे पर दून पहुंचे थे। राहुल जर्मनी में संसदीय सदस्य चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं। फ्रैंकफर्ट को जर्मनी की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर में जन्मे राहुल कंप्यूटर इंजीनियर हैं। राजनीतिक के साथ ही वह भारतीय कला, संस्कृति, विज्ञान को बढ़ावा देने में योगदान देते हैं।

दून में टर्नर रोड स्थित अशोका रिजार्ट में विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं।प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही यहां अनेक विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। ऐसे में वे जर्मनी और उत्तराखंड के बीच पर्यटन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे दोनों देशों के लोगों को एक दूसरे से मिलने और जानने का मौका मिलेगा। इसको लेकर मार्च-अप्रैल में जर्मनी में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा। वह यहां कई धार्मिक गुरुओं से भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि अपने सरकारी की ओर से इन्वेस्टर समिट को लेकर अगले माह फिर से भारत आएंगे। यहां उत्तराखंड सरकार से मिलकर निवेश और पर्यटन में आपसी सहयोग पर वार्ता करेंगे।

इस दौरान भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक राहुल देव ढंड से उन्होंने यहां उद्योगों के बारे में जानकारी लेते हुए निवेश और आपसी सहयोग पर भी चर्चा की। राहुल देव ने उनको चारधाम की प्रतिकृति देकर सम्मानित किया। इस दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश संपर्क प्रमुख राजेश शर्मा, धर्म जागरण प्रमुख डॉ. राहुल, प्रदीप कांबोज, डॉ. सचिन कुमार भी मौजूद रहे।